अकसर हम जरूरी बातों की शिक्षा में चर्चा तो करते हैं लेकिन पढ़ाने के नाम पर केवल रस्म अदायगी करते हैं। मैं एक क्लास में गया। इत्तफाक से वहां, साफ-सफाई के बारे में पढ़ाया जा रहा था। चैप्टर था - गांधी जी साफ-सफाई के बारे में क्या कहते थे। हमारे जीवन में सफाई का क्या महत्व है ये भी रटा दिया। स्वच्छ भारत अभियान क्या है, ये भी बता दिया गया था। लेकिन मुझे हैरानी हुई कि इस क्लासरूम में ऊपर चारों कोनों में मकड़ी के जाले लगे हुए थे। डेस्क पर धूल जमी थी। इस औपचारिकता का क्या फायदा। बच्चे ने रट लिया। गांधी जी के सफाई के चार नियमों के बारे में एग्जाम में लिख देगा तो पास हो जाएगा। लेकिन क्या उसे सफाई समझ में आई?और अगर नहीं आई तो पढ़ाया क्यों? उसका भी टाइम खराब किया। अपना भी।
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Thursday, November 3, 2016
पढ़ाई के नाम पर टाइम क्यों ख़राब करते हो?
अकसर हम जरूरी बातों की शिक्षा में चर्चा तो करते हैं लेकिन पढ़ाने के नाम पर केवल रस्म अदायगी करते हैं। मैं एक क्लास में गया। इत्तफाक से वहां, साफ-सफाई के बारे में पढ़ाया जा रहा था। चैप्टर था - गांधी जी साफ-सफाई के बारे में क्या कहते थे। हमारे जीवन में सफाई का क्या महत्व है ये भी रटा दिया। स्वच्छ भारत अभियान क्या है, ये भी बता दिया गया था। लेकिन मुझे हैरानी हुई कि इस क्लासरूम में ऊपर चारों कोनों में मकड़ी के जाले लगे हुए थे। डेस्क पर धूल जमी थी। इस औपचारिकता का क्या फायदा। बच्चे ने रट लिया। गांधी जी के सफाई के चार नियमों के बारे में एग्जाम में लिख देगा तो पास हो जाएगा। लेकिन क्या उसे सफाई समझ में आई?और अगर नहीं आई तो पढ़ाया क्यों? उसका भी टाइम खराब किया। अपना भी।
Wednesday, November 2, 2016
क्या शिक्षा गारंटी ले सकती है...?
शिक्षा के बारे में मेरा नजरिया थोड़ा क्रिटिकल है। मैं शिक्षा की उपलब्धियों को लेकर सवाल खड़े कर रहा हूं। मेरे सवाल शिक्षित होने के मकसद से जुड़े हैं। लेकिन मेरे सवाल उठाने का मतलब ये नहीं है कि अभी तक शिक्षा से कुछ हासिल नहीं हुआ है। आज हम जहां हैं, इसी शिक्षा की बदौलत हैं।
आज टेक्नोलॉजी के भरोसे ही हम एक सेकेंड में अपनी बात लाखों लोगों तक पहुंचा देते हैं। टेक्नोलॉजी की वजह से जाति-धर्म की दीवारें टूटी हैं। आज मेरे हाथ में मोबाइल है। और यह इस बात पर निर्भर नहीं है कि मैं किस जाति या धर्म से आता हूं। 500 साल पहले गुलाम होना या रखना समाज की स्वीकृति में था। लेकिन आज किसी को न गुलाम होना स्वीकार है और न कोई गुलाम रखता है। ऐसी बहुत सारी उपलब्धियां शिक्षा की हैं। लेकिन मैं उसकी चर्चा करना चाहता हूं जो हासिल नहीं हुआ है। औऱ जिसकी जरूरत है।
आज हमारे पास ऐसे कॉलेज और यूनिवर्सिटीज हैं जो अपने यहां से पास होने वाले छात्रों के बारे में गारंटी ले सकते हैं। आईआईटी गारंटी ले सकता है कि हमारे आईटी डिपार्टमेंट से निकला बच्चा आईटी से जुड़ी हर समस्या को हल कर सकता है। आईआईएम से निकले छात्र के बारे में गारंटी ली जा सकती है कि बिजनेस के हर क्राइसिस को मैनेज कर सकता है। इस तरह बहुत से कॉलेज, इंस्टीट्यूट अपने सिखाए के बारे में गारंटी ले सकते हैं। लेकिन क्या कोई ऐसा इंस्टीट्यूट है जो गारंटी लेता हो कि हमारे यहां से पास हुआ छात्र बेईमान अफसर, इंजीनियर, डॉक्टर या मैनेजर नहीं बनेगा। क्या कोई संस्थान यह गारंटी ले सकता है कि हमारा पढ़ाया हुआ छात्र अपराध नहीं करेगा। क्या किसी स्कूल या यूनिवर्सिटी के बारे में गारंटी ली जा सकती है कि वहां से पढ़ा हुआ छात्र बलात्कार नहीं करेगा...प्रदूषण नहीं फैलाएगा... गंदगी नहीं फैलाएगा...झगड़ा नहीं करेगा...शोषण नहीं करेगा।
आज टेक्नोलॉजी के भरोसे ही हम एक सेकेंड में अपनी बात लाखों लोगों तक पहुंचा देते हैं। टेक्नोलॉजी की वजह से जाति-धर्म की दीवारें टूटी हैं। आज मेरे हाथ में मोबाइल है। और यह इस बात पर निर्भर नहीं है कि मैं किस जाति या धर्म से आता हूं। 500 साल पहले गुलाम होना या रखना समाज की स्वीकृति में था। लेकिन आज किसी को न गुलाम होना स्वीकार है और न कोई गुलाम रखता है। ऐसी बहुत सारी उपलब्धियां शिक्षा की हैं। लेकिन मैं उसकी चर्चा करना चाहता हूं जो हासिल नहीं हुआ है। औऱ जिसकी जरूरत है।
आज हमारे पास ऐसे कॉलेज और यूनिवर्सिटीज हैं जो अपने यहां से पास होने वाले छात्रों के बारे में गारंटी ले सकते हैं। आईआईटी गारंटी ले सकता है कि हमारे आईटी डिपार्टमेंट से निकला बच्चा आईटी से जुड़ी हर समस्या को हल कर सकता है। आईआईएम से निकले छात्र के बारे में गारंटी ली जा सकती है कि बिजनेस के हर क्राइसिस को मैनेज कर सकता है। इस तरह बहुत से कॉलेज, इंस्टीट्यूट अपने सिखाए के बारे में गारंटी ले सकते हैं। लेकिन क्या कोई ऐसा इंस्टीट्यूट है जो गारंटी लेता हो कि हमारे यहां से पास हुआ छात्र बेईमान अफसर, इंजीनियर, डॉक्टर या मैनेजर नहीं बनेगा। क्या कोई संस्थान यह गारंटी ले सकता है कि हमारा पढ़ाया हुआ छात्र अपराध नहीं करेगा। क्या किसी स्कूल या यूनिवर्सिटी के बारे में गारंटी ली जा सकती है कि वहां से पढ़ा हुआ छात्र बलात्कार नहीं करेगा...प्रदूषण नहीं फैलाएगा... गंदगी नहीं फैलाएगा...झगड़ा नहीं करेगा...शोषण नहीं करेगा।
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